भारत में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, बढ़ती महंगाई और केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद जैसे कई कारकों से प्रेरित है। 15 नवंबर, 2025 को पटना में, 24 कैरेट सोने का भाव ₹12,708 प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹11,649 प्रति ग्राम है। पिछले कुछ महीनों में कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो दर्शाती है कि सोने की मांग एक सुरक्षित निवेश के रूप में लगातार बढ़ रही है।
पटना में सोने का मौजूदा बाजार और विश्लेषण
पटना का सोने का बाजार न केवल आभूषणों के लिए बल्कि एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में भी जाना जाता है। नवंबर 2025 में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखा है, लेकिन कुल मिलाकर रुझान ऊपर की ओर रहा है।
मूल्य में वृद्धि: नवंबर की शुरुआत से ही 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,23,490 प्रति 10 ग्राम थी, जो 14 नवंबर को बढ़कर ₹1,28,740 हो गई। यह बढ़ोतरी वैश्विक और घरेलू कारकों के मिश्रण से हुई है।
वैश्विक बाजार का प्रभाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में वृद्धि भारतीय बाजार को प्रभावित करती है। अक्टूबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 3.54% बढ़कर $4,143.03 प्रति औंस तक पहुंच गया था। यह तेजी निवेशकों के बढ़ते भरोसे और सुरक्षित निवेश की मांग को दर्शाती है।
घरेलू कारक: भारतीय रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और त्योहारी सीजन की मांग भी सोने की कीमतों को बढ़ाती है। नवंबर और दिसंबर के महीनों में शादियों का सीजन होने से मांग और बढ़ सकती है।
सोने में निवेश के तरीके
पटना के निवेशक पारंपरिक रूप से भौतिक सोने को पसंद करते हैं, लेकिन अब डिजिटल विकल्पों की ओर भी बढ़ रहे हैं।
भौतिक सोना: इसमें सोने के सिक्के, बार और आभूषण शामिल हैं। यह सबसे लोकप्रिय तरीका है, खासकर गहनों के रूप में। भौतिक सोने को गिरवी रखकर कर्ज भी लिया जा सकता है।
गोल्ड ईटीएफ (ETF): एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) सोने में निवेश करने का एक डिजिटल तरीका है। यह स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदा और बेचा जाता है, जिससे निवेश करना और निकालना आसान होता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): यह भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है और यह निवेशकों को ब्याज भी देता है। इसमें भौतिक सोने को रखने की लागत और जोखिम नहीं होता है।
निवेशकों के लिए सलाह
सोने की मौजूदा मजबूती को देखते हुए, इसे पोर्टफोलियो में विविधता लाने का एक अच्छा साधन माना जा सकता है। हालांकि, निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना चाहिए और केवल एक ही संपत्ति में भारी निवेश से बचना चाहिए।
लंबी अवधि का निवेश: सोना एक लंबी अवधि का निवेश है। इसका उपयोग पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है, न कि त्वरित लाभ के लिए।
विविधता लाएं: विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता लानी चाहिए। उदाहरण के लिए, सोने, स्टॉक और म्यूचुअल फंड में निवेश का मिश्रण बनाना चाहिए।
खरीदते समय ध्यान रखें: भौतिक सोना खरीदते समय, हमेशा रसीद लें, जिसमें सोने की शुद्धता, वजन और मेकिंग चार्ज का विवरण हो। इससे भविष्य में सोने को बेचते या बदलते समय आसानी होती है।
कुल मिलाकर, सोने में निवेश करना पटना के निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बना हुआ है, लेकिन उन्हें वैश्विक और घरेलू बाजार के रुझानों को ध्यान में रखते हुए समझदारी से निवेश करना चाहिए।
